Demat Account क्या होता है और इसके लाभ क्या हैं ?

by | Apr 29, 2021 | Personal Finance

डीमैट खाता (Demat Account) का प्रयोग वित्तीय प्रतिभूतियों (इक्विटी या ऋण) को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने के लिए किया जाता है। डीमैट शब्द “डीमैटेरलाइज्ड ” के लिए संक्षिप्त रूप है ।

वर्ष 1996 से पूर्व, सभी शेयर कि खरीददारी और बिक्री शेयर प्रमाणपत्र के आधार पर किया जाता था और जब उसके बाद शेयर प्रमाणपत्र डिजिटल तरीके से जारी किए जाने लगे तो उनको रखने के लिये डिमैट अकाउंट की जरूरी हो गया ।

डीमैट खाता (Demat Account) आप किसी भी डिपॉजिटरी के साथ खुलवा सकते है । डिपॉजिटरी आपके शेयर प्रमाणपत्रों को डिजिटल तरीके से डिमैट अकाउंट (Demat Account) में रखने का कार्य करती है ।

What is Demat Account

निक्षेपागार या डिपॉजिटरी क्या है?

डिपॉजिटरी शेयरों के बैंक की तरह होता है । जैसे हम अपने बैंक खातों में अपने पैसों को सुरक्षित रखते है ठीक उसी प्रकार डिपॉजिटरी आपके शेयर प्रमाणपत्रों इत्यादि को डिजिटल तरीके से डिमैट अकाउंट (Demat Account) में रखने का कार्य करती है ।

जिस तरह बैंक एक व्यक्ति के खाते से दूसरे व्यक्ति के खाते से धन स्थानांतरित करने में मदद करता है, उसी प्रकार डिपॉजिटरी एक डीमैट अकाउंट (Demat Account) से दूसरे डीमैट अकाउंट में शेयर स्थानांतरित करने में मदद करता है। डिपॉजिटरी इसके साथ साथ और भी बहुत सारी सुबिधाये भी प्रदान करता है ।

भारत में डीमैट खातों (Demat Accounts) का रख-रखाव दो डिपॉजिटरी संगठनों के द्वारा किया जाता है :

  1. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL)
  2. सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL)

दोनो ही SEBI के दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्य करती है ।

डीमैट खाता (Demat Account) होने के लाभ क्या हैं?

  • प्रतिभूतियों का त्वरित हस्तानान्तरण
  • प्रतिभूतियों के हस्तांतरण पर काम स्टाम्प शुल्क
  • भौतिक प्रमाणपत्रों से जुड़े जोखिमों का उन्मूलन जैसे कि खराब डिलीवरी, नकली प्रतिभूतियां आदि
  • प्रतिभूतियों के हस्तांतरण में शामिल कागजी काम में कमी
  • लेन-देन लागत में कमी
  • फोलियो/खातों के समेकन (consolidation) की एक सुविधाजनक विधि
  • प्रतिभूतियों के हस्तांतरण में आसानी क्योंकि पूरी प्रक्रिया डीपी द्वारा कंपनियों के साथ पत्राचार को समाप्त करने से होती है।
  • शेयरों का स्वचालित क्रेडिट, म्यूचुअल फंड यूनिट्स, डिमैट खाते में विभाजन / समेकन / विलय आदि से उत्पन्न होता है।
  • एक ही खाते में विभिन्न प्रकार की प्रतिभूतियों जैसे इक्विटी, डिबेंचर, बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूतियां, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, म्यूचुअल फंड इकाइयां आदि।
  • पता / बैंक खाते के विवरण आदि में परिवर्तन के मामले में आसानी के रूप में अपडेट डीमैट खाते (Demat Account) में किया गया था, सभी संबंधित कंपनियों को सूचित किया जाता है ताकि उनमें से प्रत्येक के साथ पत्र व्यवहार करने की आवश्यकता समाप्त हो जाए।

महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, लक्ष्य और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करें तथा आवश्यकता होने पर योग्य पेशेवर से सलाह लें।

NiveshBytes Editorial Note: वित्तीय नियम, कराधान और उत्पाद संबंधी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की नवीनतम जानकारी अवश्य देखें।

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