लिमिटेड पर्पस क्लियरिंग कॉर्पोरेशन की स्थापना : SEBI

by | Feb 8, 2021 | News and Update

अंतिम अपडेट: October 7, 2026

कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट के विकास के उद्देश्य से, SEBI की म्यूचुअल फंड एडवाइजरी कमेटी (MFAC) ने एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया था, जिसमें विभिन्न म्यूचुअल फंड, क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL) और एएमएफआई (AMFI) के सदस्य शामिल थे। इस वर्किंग ग्रुप ने कई सारे सुझाओ के साथ-साथ यह भी सिफारिश किया कि

  • 150 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी के साथ लिमिटेड पर्पस क्लियरिंग कॉर्पोरेशन(LPCC) की स्थापना किया जाए।
  • हर AMC उनके द्वारा प्रबंधित ओपन-एंडेड डेट म्यूचूअल फंड योजनाओं के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के अनुपात में LPCC की शेयर पूंजी के लिए योगदान करेगा।
  • यह योगदान वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष) 2019-20 के लिए विस्तृत ऋण उन्मुख योजनाओं (Debt Oriented Funds) के औसत एयूएम (AUM) पर आधारित होगा।
  • एलपीसी की शेयर पूंजी के लिए योगदान एएमसी (AMC) की ओर से अनिवार्य होगा।

यह आर्टिकल SEBI के परिपत्र (Circular) संख्या SEBI/HO/IMD/DF2/CIR/P/2021/17 पर आधारित है ।

Reference:
Setting up of Limited Purpose Clearing Corporation (LPCC) by Asset Management Companies (AMCs) of Mutual Funds

महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, लक्ष्य और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करें तथा आवश्यकता होने पर योग्य पेशेवर से सलाह लें।

NiveshBytes Editorial Note: वित्तीय नियम, कराधान और उत्पाद संबंधी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की नवीनतम जानकारी अवश्य देखें।

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