Passive ELSS Fund की SEBI ने अनुमति दी

by | May 23, 2022 | News and Update, Tax Saving

अंतिम अपडेट: May 27, 2022

SEBI ने अपने एक circular में बताया है कि अब म्यूचूअल फंड कंपनी Equity Linked Saving Scheme (ELSS) केटेगरी में Passive ELSS Fund भी ला सकती है ।

SEBI ने अपने 2017 मे सभी म्यूचूअल फंड स्कीम का वर्गीकरण किया था जिससे कि म्यूचूअल फंड स्कीम का नाम मे एक एकीकरण रहे और निवेशक इन नाम के चलते भ्रमित न हो ।

हाल ही में Passive Fund में inflow काफी बढ़ गया है इसी कारण SEBI ने निवेशको के रुझान को देखते हुए वर्गीकरन मे आंशिक रुप से परिवर्तन किया है ।

चलिए जानते है कि यह सेबी का circular क्या कहता है ?

SEBI Circular

“म्यूचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण और युक्तिकरण” पर SEBI परिपत्र संख्या SEBI/HO/IMD/DF3/CIR/P/2017/114 दिनांक 06 अक्टूबर, 2017 के खंड III (ए) में आंशिक संशोधन करते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि

म्यूचुअल फंड, वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम, 2005 पर दिशानिर्देशों के अनुपालन के अधीन, ओपन एंडेड स्कीम श्रेणी में निम्नलिखित में से कोई भी ईएलएसएस योजना लॉन्च कर सकते हैं :

i. Active ELSS Fund –

अनुबंध के खंड ए (10) के अनुसार सेबी परिपत्र दिनांक 06 अक्टूबर, 2017 “इक्विटी योजनाओं” श्रेणी के तहत या;

ii. Passive ELSS Fund (इंडेक्स फंड के माध्यम से) –

“अन्य योजनाएं” श्रेणी के तहत 06 अक्टूबर, 2017 के उपर्युक्त सेबी परिपत्र के अनुलग्नक के खंड ई (1) के अनुसार।

Passive ELSS Fund बाजार पूंजीकरण (market capitalization) के मामले में शीर्ष 250 कंपनियों के इक्विटी शेयरों के सूचकांकों में से एक पर आधारित होगी।

Active Fund और Passive Fund क्या होते है ?

म्यूचूअल फंड स्कीम को कई सारे तरीके से विभाजित किया जा सकता है । इसमे से एक सबसे अहम तरिका होता है – म्यूचूअल फंड का मैनेजमेंट

ज्यादातर म्यूचूअल फंड स्कीम में जो पैसा इकठ्ठा होता है उसको म्यूचूअल फंड का मैनेजर उस स्कीम के लक्ष्य और अपने विवेक के अनुसार कुछ कम्पनियों के शेयर में निवेश करता है या निवेश से निकल जाता है । इस तरह के फंड को Active Fund कहते है ।

लेकिन वही पर कुछ म्यूचूअल फंड स्कीम ऐसे होते है जो किसी एक निर्देशांक का अनुसरण करते है तो ऐसे दशा में म्यूचूअल फंड मैनेजर सिर्फ म्यूचूअल फंड मे जमा पैसों को उस निर्देशांक में उपलब्ध कम्पनियो को उसी अनुपात में निवेश करता है ।

इस तरह से इसमे फंड मैनेजर का कोई Active Role नहीं होता है। इसीलिए इसको Passive Fund कहते है ।

महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, लक्ष्य और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करें तथा आवश्यकता होने पर योग्य पेशेवर से सलाह लें।

NiveshBytes Editorial Note: वित्तीय नियम, कराधान और उत्पाद संबंधी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की नवीनतम जानकारी अवश्य देखें।

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