Systematic Transfer Plan

by | May 15, 2022 | STP

अंतिम अपडेट: June 28, 2022

आज काल मार्केट के volatility के कारण कोई भी निवेशक मार्केट मे एकमुश्त पैसा नहीं लगाना चाहता है ।

ऐसे में यह बहुत कठिन हो जाता है कि आप अपना इनवेस्टमेंट किसी म्यूचूअल फंड स्कीम में कैसे लगाए ?

जिससे की आपको अपने निवेश पर रिटर्न भी मिलता रहे और आपका पैसा सही म्यूचूअल फंड स्कीम में निवेश भी हो जाए ।

ऐसे एक तरीके का नाम है – Systematic Transfer Plan (STP)

आइए इसके बारे में विस्तार मे जानते है :

Systematic Transfer Plan क्या होता है ?

Systematic Transfer Plan (STP) एक ऐसी रणनीति है जहां एक निवेशक एक निश्चित राशि को एक म्यूचूअल फंड स्कीम से दूसरे म्यूचूअल फंड स्कीम (आमतौर पर डेट फंड से इक्विटी फंड में) ट्रांसफर करता है।

व्यवस्थित स्थानांतरण योजना के लाभ:

अपने निवेश को संतुलित करना

एसटीपी ऋण से इक्विटी या इसके विपरीत निवेश आवंटित करके पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करने में मदद करता है।

लागत का औसत

एसटीपी में व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) की कुछ अभिन्न विशेषताएं हैं। एसटीपी और एसआईपी के बीच अंतर में से एक निवेश का स्रोत है। पहले के मामले में, पैसा आमतौर पर डेट फंड से और बाद के मामले में स्थानांतरित किया जाता है; यह निवेशक का है।

अधिक रिटर्न का लक्ष्य

डेट फंड में निवेश किया गया पैसा आम तौर पर इक्विटी फंड में ट्रांसफर होने तक रिटर्न देता है। डेट फंड में रिटर्न आमतौर पर बचत बैंक खाते से अधिक होता है और इसका उद्देश्य अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना होता है।

Systematic Transfer Plan (STP) कैसे काम करता है?

यदि आप रुपये का निवेश कर रहे हैं। एक एसटीपी के माध्यम से एक इक्विटी फंड में 12 लाख, पहले आपको एक डेट फंड का चयन करना होगा जो एसटीपी को उस विशेष इक्विटी फंड में निवेश करने की अनुमति देता है। एक बार जब आप चयन कर लेते हैं, तो पूरी राशि का निवेश करें यानी रु। डेट फंड में 12 लाख। फिर, आपके पास उपयुक्त आवृत्ति चुनने के साथ-साथ डेट फंड से इक्विटी फंड में पैसे ट्रांसफर करने का विकल्प होगा।

How STP works?

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि हर डेट फंड STP के लिए वैध नहीं होता है । कुछ म्यूचूअल फंड स्कीम मे ही STP कि सुविधा उपलब्ध है।

निष्कर्ष

जब आपको मार्केट मे एक Lumpsum निवेश करना होता है तो वो एक्विटी म्यूचूअल फंड में निवेश करना सुरक्षित नहीं होता है । क्यों आप मार्केट मे होने वाली Volatility को माप नहीं सकते है इसलिए बेहतर यही रहता है कि आप पहले सारे पैसा डेट फंड मे निवेश कर दे और उसके बाद धीरे धीरे थोड़ा थोड़ा करके एक निश्चित समयंत्राल पर टारगेट एक्विटी म्यूचूअल फंड में निवेश कर दिया जाए ।

महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, लक्ष्य और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करें तथा आवश्यकता होने पर योग्य पेशेवर से सलाह लें।

NiveshBytes Editorial Note: वित्तीय नियम, कराधान और उत्पाद संबंधी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की नवीनतम जानकारी अवश्य देखें।

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