आसान तरीके से Equity Mutual Fund में ज्यादा रिटर्न पाए

अंतिम अपडेट: June 17, 2022

हर कोई जो कैपिटल मार्केट में निवेश सुरू करता है तब Equity में निवेश सबको अच्छा लगता है और एक्विटी में निवेश करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका Equity Mutual Fund होता है। Equity Mutual Fund में ज्यादा रिटर्न (Increase Equity Fund Return) पाना आसान काम नहीं है ।

लेकिन Equity में निवेश करते समय कुछ बेस्ट प्रैक्टिस का अनुसरण किया जाए और कुछ सावधानियों को बरता जाए तो आपको अपने निवेश पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है ।

एक्विटी म्यूचूअल फंड के मैनेजर यूनिट होल्डर के निवेश को किसी ना किसी स्टॉक मे निवेश करते है । चूंकि ये मैनेजर प्रोफेशनल होते है तो इनको पता होता है कि कब किसी स्टॉक मे निवेश करना है और कब स्टॉक से निकलना है ?

लेकिन रीटेल निवेशकों के पास इतना ज्यादा जानकारी नहीं होती है । तो ऐसे में बेस्ट तरीका यह होता है कि हम एक्विटी म्यूचूअल फंड में SIP के जरिए निवेश करे। जिससे कब खरीदे और कब बेचे का प्रश्न हट जाता है और आपके निवेश में एक अनुशासन आता है जो कि काफी अच्छा होता है ।

पहला तरीका : Rupee Cost Averaging

जब आप किसी म्यूचूअल फंड में SIP करते है तो आप एक Fixed अमाउन्ट निवेश करते है और उस म्यूचूअल फंड के यूनिट खरीदते है । इन यूनिट के रेट यानि NAV हर महीने बदलते रहते है ।

यानि जब म्यूचूअल फंड के यूनिट की NAV किसी महीने कम होती है तो आपको ज्यादा यूनिट मिलते है और जब किसी महीने यूनिट की NAV ज्यादा होती है तो आपको उस महीने कम यूनिट मिलते है ।

इस प्रकार जब आपकी SIP 3-5 वर्ष तक चलती है तो आप उस फंड के यूनिट कम रेट पर भी खरीदते है और ज्यादा रेट पर भी खरीदते है तो आपके पास जो कुल यूनिट इकट्ठा होते है उनके औसत NAV भी औसत हो जाती है जिससे आपको लंबे समय में सामान्य फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न मिलता है ।

लेकिन ऐसा करीब करीब सभी करते है लेकिन औसत से ज्यादा रिटर्न पाने के लिए औसत लोगों से बेहतर करना पड़ता है ।

लेकिन Equity Mutual Fund में ज्यादा रिटर्न पाने के लिए SIP के साथ साथ एक और काम करना पड़ता है और उसको कहते है Value Averaging

दूसरा तरीका : Value Averaging

Value Averaging का यथावत मतलब है कि म्यूचूअल फंड के यूनिट औसत मूल्य को कम करना ।

परंतु अपको उस समय निवेश करना होता है जब म्यूचूअल फंड के यूनिट की NAV कम हो गई होती है और ये ज्यादातर लोग नहीं करते है ।

ये ठीक वैसे ही है जैसे वारेन बफै कहते है कि “जब सभी लालची हो जाते हैं तो हम डर के रहते हैं, और जब सभी डर जाते हैं तब हम लालची बन जाते हैं.”

We simply attempt to be fearful when others are greedy and to be greedy only when others are fearful.

Warren Buffet

लेकिन आपको तो लग रहा होगा कि एक आम आदमी को यह पता करना मुस्किल है कि क्या मार्केट में लोग लालची बने हुए है या डरे हुए है ?

कुछ वर्ष पहले तक ऐसा कहा जा सकता था लेकिन आज के FinTech के जमाने में यह बाद आसान हो गया है ।

मैं आपको एक आसान सा तरीका बताता हूँ जिससे आप सही समय का पता लगा सकते है कि मार्केट में लोग कब डरे हुए है और कब लोग लालची बने हुए है ?

आप टिकर टेप के Market Mood Index से पता लगा सकते है कि मार्केट में लोग लालची बने हुए है या डरे हुए है ।

Market Mood Index
Market Mood Index

टिकर टेप के हिसाब से मार्केट मूड इनेक्स का आँकलं 88% समय सही होता है । जो कि काफी अच्छा नंबर है ।

इसीलिए आप इस इंडेक्स का प्रयोग करके Value Averaging का decision ले सकते है । जब भी मार्केट मूड इंडेक्स “Extreme Fear” मे आए आप समझ लीजिए ये सही समय है म्यूचूअल फंड के यूनिट की NAV को औसत किया जाए ।

https://www.tickertape.in/market-mood-index

महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, लक्ष्य और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करें तथा आवश्यकता होने पर योग्य पेशेवर से सलाह लें।

NiveshBytes Editorial Note: वित्तीय नियम, कराधान और उत्पाद संबंधी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की नवीनतम जानकारी अवश्य देखें।

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